चरखी-दादरी: जलभराव होने से किसानों के 3500 एकड़ फसलें पानी में ड़ूबे 0 154

चरखी-दादरी में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुई बारिश से करीब साढ़े 3 हजार एकड़ जलभराव होने से खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। पानी निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने से कई गांवों के स्कूलों और बुस्टिंग स्टेशनों में भी पानी भर गया है।

प्रदेश सरकार द्वारा जलभराव क्षेत्रों में मछली उत्पादन की घोषणा की थी, वह भी सिरे नहीं चढ़ पाई। हालात ऐसे हो गए हैं कि पानी निकासी के इंतजाम नहीं हुआ तो रबी फसल की बिजाई पर भी संकट आ जाएगी। कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार चरखी दादरी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण करीब साढ़े 3 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।

लगातार पानी जमा होने के कारण धान, ज्वार, बाजरा, कपास व ईंख की फसल बर्बाद हो चुकी है। गांव मिसरी, जयश्री और कमोद में हालात बद से बदतर हो गए हैं। इन गांवों के स्कूलों और बुस्टिंग स्टेशनों में पानी भर गया है। जिसके कारण गांवों में पेयजल सप्लाई बाधित हो गई है वहीं स्कूल जाने के लिए परिजनों को गोद में लेकर बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जा रहा है।

पूर्व मंत्री और कांग्रेसी नेता सतपाल सांगवान ने रविवार को गांव मिसरी, जयश्री, कमोद और मिर्च के खेतों में जलभराव का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने बताया कि खेतों में फसल बर्बाद हो चुकी है। पानी निकासी के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जिसके कारण गांव में बीमारियां फैलने की संभावना बना गई है। पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कई गांवों में जलभराव क्षेत्रों का निरीक्षण कर सरकार से स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीण कमल, शीशपाल, सतबीर, हवा सिंह, जयभगवान और राजेंद्र ने बताया कि खेतों में जलभराव इस कदर तक है कि यहां रबी फसल की बिजाई नहीं हो पाएगी। पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि यहां किसान की फसल बर्बाद हो चुकी है, वहीं सरकार व प्रशासनिक अधिकारी मछली उत्पादन की बात कर रहे हैं। ऐसा ही रहा तो किसानों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। सरकार समय रहते पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध करें वरना कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।

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भिवानी: कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच हो रहे हैं छात्र संघ चुनाव 0 62

भिवानी के कॉलेजों में भी छात्र संघ के चुनाव शांति पूर्ण ढंग से शुरु हुए। निर्दलीय व एबीवीपी के अलावा हालांकि किसी भी दल ने चुनाव में भाग नहीं लिया। पुलिस ने भी पूर्ण सुरक्षा मुहैया कर रखी हैं। हर किसी छात्र के अंदर जाने से पूर्व उसका आई कार्ड देखा जा रहा था ताकि किसी प्रकार की कोई चुनाव में खलल पैदा ना हो।

चुनाव आज सुबह अपने तय समय पर शुरु हुआ। किसी प्रकार की चुनाव में खलल ना हो इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हर किसी छात्र को कॉलेज में घुसने से पूर्व उसका आई कार्ड व अन्य दसतावेज जांच कर ही भेजा जा रहा है। खुद डीएसपी हर चुनावी बूथ पर पहुंच कर चुनाव प्रक्रिया को देख रहे है।

छात्र संघ चुनाव में इस बार एबीवीपी के अलावा किसी भी छात्र संगठन ने चुनाव में भाग नहीं लिया है। छात्र नेता सेठी का कहना है कि वे इसलिए भाग नही ले रहे हैं क्योकि चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर नही है। अप्रत्यक्ष चुनाव से किसी प्रकार का कोई फायदा नही होगा। उन्होंने कहा कि केवल एबीवीपी को छोडकर बाकि कोई भी चुनाव नही लड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एबीवीपी के छात्रों को चुनाव में जिताने के लिए प्रयास कर रही है इसके लिए निर्दलिय उम्मीदवारों को धमकी दी जा रही है कि वे अपने नामंकन वापिस ले ले अन्यथा उन्हें डिग्री नही दी जाएंगी।
वहीं अन्य छात्रों का कहना है कि 22 साल बाद आज चुनाव हो रहे हैं काफी अच्छा है इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा तथा राजनीति के बारे में भी जानकारी हासिल हो पाएंगी।

वही कॉलेज के डीन सुरेश मलिक का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद 22 साल बाद चुनाव करवाएं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन व पुलिस के सहयोग से चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाएं जा रहे है।
डीएसपी जगत सिह मोर का कहना है कि कॉलेजो में चुनाव बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से करवाएं जा रहे हैं। पूर्ण शांति है तथा किसी को भी चुनाव में खलल नही डालने दिया जाएगा।

22 साल बाद सरकार द्वारा छात्र संघ के चुनाव करवाए जा रहे हैं हालांकि चुनाव में अन्य संगठन विरोध जता रहे हैं लेकिन एबीवीपी तथा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं तथा फिलहाल शांति पूर्ण ढंग से चुनाव हो रहे है तभा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चुनाव करवाएं जा रहे है। अभी अन्य संगठनो को यह कहना है कि सरकार लिंगदोह कमेटी से नही बल्कि टकेंशवर कमेटी से चुनाव करवा रही है।

श्रमिकों ने अधिकारी पर लगाया अपशब्द प्रयोग करने का आरोप 0 45

घरौंडा-जीटीरोड स्थित सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र के अधिकारी पर श्रमिकों ने अपशब्द प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया है। मामला आवारा कुत्तों के उत्कृष्टता केन्द्र में घुसने की बात से शुरू हुआ जो कि बाद में विवाद में तब्दील हो गया।

विवाद बढऩे पर श्रमिकों ने पुलिस थाने में अधिकारी के खिलाफ शिकायत दे दी। श्रमिकों ने बताया कि सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र घरौंडा के डीडीएच दीपक कुमार ने श्रमिको की बैठक ली थी। बैठक के दौरान दीपक ने कहा कि उत्कृष्टता केन्द्र के अन्दर आवारा कुत्ते आते हैं। कुत्ते भगाओ चाहे गोली से या दवाई से अन्यथा अपने घर जाओं। उन्होंने बताया की हम सारा दिन काम करते हैं। एक मिनट भी नहीं बैठते जबकि अधिकारी कहता है कि श्रमिक केवल तीन बजे तक काम करते है।

श्रमिकों ने बताया कि अधिकारी ने उनसे कहा यदि काम करना है तो ठीक से करो अन्यथा सिरसा डेरे से मुफ्त काम करने वाले श्रमिकों को बुलाकर काम करवा लिया जाएगा। श्रमिकों ने अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला श्रमिकों को आवारा कुत्तों के बारे में अपशब्दों से टिप्पणी की ओर कहा कि कुत्तों का सीजन साल में दो बार ही आता है, तो हर रोज कुत्ते यहां कैसे आते हैं? जिससे महिला और पुरूष श्रमिक भड़क गए और उन्होने अधिकारी की शिकायत पुलिस को दी। श्रमिकों ने कहा कि अपशब्द बोलने वाले ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।